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नंबर वन सीएम की हूटिंग !

20 August, 2014

नंबर वन हरियाणा, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने तो कुछ ऐसी ही परिभाषा दी है, 5 साल के शासन के बाद हरियाणा को। ये बात अलग है कि हरियाणा के लोगों को ही शायद ये पता नहीं है कि उनका हरियाणा हुडडा के कार्यकाल में देश में नंबर वन राज्य हो गया है। …और पढ़ें

द्वारा:Deepak Tiwari
टॉपिक:राजनीति

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तुलसीदास

क्या गोस्वामी जी नारिनिन्दक थे ?

14 August, 2014

         गोस्वामी तुलसीदास जी   महाराज   :       जिन्होंने रचना की सुप्रसिद्ध ग्रन्थ राम चरित मानस की  | जंहा भक्त गण इस राम कथा रुपी पवित्र गंगा में गोते लगा आनंदविभोर हो उठते है , जंहा बड़े बड़े संतों ने इसे सराहा है , जहाँ साहित्य के क्षेत्र में इसे अद्वितीय समझा जाता है …और पढ़ें

द्वारा:balaji astro point
टॉपिक:आध्यात्म

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माशूका की तरह जुनूनी इश्क करो मुल्क से

14 August, 2014

सुनील दत्त साहब बतौर अभिनेता मुझे आज भी बहुत प्रिय हैं। मुल्क को लेकर वह बड़े जुनूनी थे। अजंता आर्ट्स का गठन करके वह सरहदों पर फौजियों के कैंपों में जाते, उनका हौसला बढ़ाते। दिल से समाज सेवा करना चाहते थे। उनकी पत्नी नर्सिग नेहरू परिवार के काफी करीब थीं। राज्य सभा की सदस्यता भी …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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अमर उजाला ब्लॉग

Celebrations of Independence day at central park

वर्तमान के अंधेरे में भविष्य के उजाले की खोज

12 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

सोने के लिए बच्चा जैसे मां की गोद में शिथिल हो जाता है वैसे ही सूर्यास्त के बाद रापादूबे गांव धीरे-धीरे अंधेरे की आगोश में जा रहा था। गांव का जो व्यक्ति जहां था वहां से घर के लिए चल पड़ा था। उनके लिए यह उतना ही जरूरी था जैसे आदमी के जीने के लिए …और पढ़ें

टॉपिक:साहित्य

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phoolan

क्या आप फूलन को जानते थे

11 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

 शेर सिंह राणा फूलन का हत्यारा साबित हो चुका है। फूलन को लोग दस्यु सुंदरी के तौर पर जानते हैं जिसने एक लाइन में खड़ा करके अपने साथ बदसलूकी करने वाले सत्रह लोगों को तड़ातड़ भून दिया था। मैं भी यही जानता था। इस जानकारी को पुख्ता किया शेखर कपूर की नायिका सीमा बिस्वास ने अंतरराष्ट्रीय …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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रीएलिटी शो की रीएलिटी

11 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

 आपकी डिक्शनरी में भी मेरी तरह रीएल मतलब जैसे का तैसा, सच-सच ही होगा, मगर टीवी पर रीएलिटी शोज में सबकुछ होता है सिवाय सच के। यही वजह है कि रीएलिटी शोज हिट कराने को तरह-तरह के टोटके किए जाते हैं। रीएलिटी शो में जाने और उसे पहले ही हिट कराने के चक्कर में एक …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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रीडर्स ब्लॉग

bsp

परिवार का समाजवाद…..!!

20 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

भारतीय राजनीति में कांग्रेस के स्वर्णकाल के दौरान विभिन्न नामों के साथ कांग्रेस जोड़ कर दर्जनों नई पार्टियां बनी। 1997 में भी इसी तरह एक पार्टी बनी। जिसका नाम था तृणमूल कांग्रेस। पहले  नाम को लेकर लोगों में भ्रम रहा। फिर समझ में आया कि तृणमूल कांग्रेस का मतलब है जिसका मूल तृण यानी जमीन …और पढ़ें

द्वारा:tarkeshkumarojha
टॉपिक:राजनीति

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जय हो धोनी एंड कंपनी की !

20 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी खुश तो बहुत होंगे, ओवल टेस्ट महज ढ़ाई दिन में जो खत्म हो गया। मैनचेस्टर में चौथे टेस्ट मैच में तीसरे ही  दिन पारी और 54 रनों से करारी हार के बाद धोनी की खुशी देखने लायक थी। आखिर ओवल में पांचवे और अंतिम टेस्ट मैच से …और पढ़ें

द्वारा:Deepak Tiwari
टॉपिक:खेल

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कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत बहुत शुभकामनायें

19 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

”श्री कृष्ण-जन्माष्टमी ”एक ऐसा पर्व जो सारे भारतवर्ष में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है .अभी कुछ वर्षों से ये दो  दिन मनाया जाने लगा है .पंडितों ने इसे ”स्मार्त ” और ”वैष्णव ”में बाँट दिया है.अर्थात स्मार्त से तात्पर्य गृहस्थ जानो द्वारा और वैष्णवों से तात्पर्य कंठी माला धारण करने वाले साधू संतों द्वारा . …और पढ़ें

टॉपिक:आध्यात्म

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हौसले को हवाबाजी नहीं उड़ान चाहिए

कुछ याद इन्हें भी कर लोï

19 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

कुछ याद इन्हें भी कर लोï हो या गणतन्त्र दिवस हम उन देशभक्तों को तो याद करते हैं। जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाईया लड़ीं और आन्दोलन किये। लेकिन उन समाजसुधारकों के योगदान को कम ही याद करते हैं जिन्होंने औपनिवेशक युग में अंग्रेजों से सीधे लड़ाई नहीं लड़ी परन्तु देश निर्माण …और पढ़ें

द्वारा:sanjeevkumargangwar
टॉपिक:अन्य

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we all have to Do Some think for This..........

बाल श्रम की बेडिय़ों में जकड़ा बचपन

19 August, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

कहते हैं कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं,लेकिन जब बच्चों का ही भविष्य अंधकारमय हो तब समृद्ध भारत की कल्पना कैसे की जा सकती है। आज अनगिनत बच्चे मजदूरी करने को विवश हैं। उन्हें होटलों,घरों,मोटर गैराजों तथा अन्य खतरनाक उद्योगों में काम करते देखा जा सकता है। यूनीसेफ के आंकड़ों के अनुसार दुनियां में …और पढ़ें

द्वारा:sanjeevkumargangwar
टॉपिक:अन्य

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