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डी. बी. टी. एल. यानी हिडेन एजेंडा

20 December, 2014

आजकल बहुत से लोग बैंक और गैस एजेंसी के बीच लुढ़कते मिल जाते हैं — सरकार की डी. बी. टी. एल. योजना का हिस्सा बन्ने के चक्कर में। करें भी क्या — न हिस्सा बनें तो गैस सिलेंडर नौ-साढ़े नौ सौ का गले पड़ेगा। आधार वालों का तो फिर ठीक है — लेकिन नान आधार …और पढ़ें

द्वारा:ashfaqahmad
टॉपिक:अन्य

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fish

मछली और मजहब

18 December, 2014

एक छोटी मछली बहुत दुखी थी। मां रोज सुबह सजा संवार कर उसे स्कूल भेजती। यहां तक सब ठीक था। दुख उसके बाद शुरू होता। क्लास में टीचर उसे खड़ा कर लेती- बताओ भाप का इंजन किसने बनाया? वह चुपचाप सिर नीचे झुका लेती। उसे फटकार पड़ती। तमाचे पड़ते। वह खुद को दुनिया का सबसे …और पढ़ें

द्वारा:सुधीर राघव
टॉपिक:साहित्य

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Sanskrit

संस्कृत की सार्थकता

16 December, 2014

संस्कृत भाषा शायद सभी भाषाओँ में सबसे सिस्टेमेटिक, तर्कपूर्ण व वैज्ञानिक है। यही इस भाषा की सबसे बड़ी शक्ति है तो सबसे बड़ी कमजोरी भी। मानव मस्तिष्क का 90 फीसदी से अधिक भाग तर्कपूर्ण चीजों का आदी नहीं होता है तो ऐसी किसी भी चीज को अस्वीकार करने की उसकी स्वाभाविक प्रकृति होती है। हमारे …और पढ़ें

द्वारा:CA. Satyendra Hemanti
टॉपिक:राजनीति

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अमर उजाला ब्लॉग

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75 पोस्टों का लैंपपोस्ट

6 December, 20142 प्रतिक्रियाएँ »

अमर उजाला डॉट काम पर 75 पोस्ट हो गई हैं। इसे उपलब्धि मानें तो यह पोस्ट की हीरक जयंती है। क्रिकेटर हाफ सेंचुरी और सेंचुरी से खुश होते हैं लेकिन शायद लेखक के साथ ऐसा नहीं है। मुझे ऐसा लगता है लिखने वाला संख्याओं से  नहीं  बल्कि इस बात पर खुश होता है कि उसकी …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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गीता प्रेस-कभी धर्म की खड़ताल अब हड़ताल

4 December, 201422 प्रतिक्रियाएँ »

अजब संयोग है कि जब श्रीमद् भागवत गीता की 5151वीं जयंती मनाई जा रही थी। दिल्ली के लाल किले में आयोजित भव्य समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत गीता को अद्भुत. अनूठा और सबके लिए अपरिहार्य ग्रंथ बता रहे थे, उसी शाम गीता को घर-घर पहुंचाने वाले गीता प्रेस गोरखपुर के कर्मचारी हड़ताल की रूपरेखा …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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तेल-तेल खेल

2 December, 20143 प्रतिक्रियाएँ »

खेलने से तन और मन स्वस्थ रहता है। खेलने के लिए बहुत से खेल हैं। खो-खो, कबड्डी। लूडो, सांपसीढ़ी। बेट-बल्ला, चिड़ी छिक्का। ये खेल बच्चों के लिए हैं। कई उम्रदराज शौकीन जुआ, सट्टेबाजी भी खेलते हैं। सोचो सरकारें क्या खेलती हैं। आखिर स्वस्थ तन और मन उनके ल‌िए भी जरूरी है। टूजी, कोयला जी, दामाद …और पढ़ें

द्वारा:सुधीर राघव
टॉपिक:हास्य

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रीडर्स ब्लॉग

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खून से नहला दिए , खिलखिलाते फूल !

20 December, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

दरिंदगी की इन्तहां , कैसा है ये जूनून ! खून से नहला दिए , खिलखिलाते फूल ! …………………………. अब्बा के दिल के टुकड़े थे , अम्मी के दुलारे , स्कूल की वर्दी में , लगते बड़े प्यारे , उनके ख्वाब पूरे करने जाते थे स्कूल ! खून से नहला दिए , खिलखिलाते फूल ! ……………………………… …और पढ़ें

टॉपिक:अन्य

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हौसला

20 December, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

एक जख्म को वक्त भर पाता, कि नया एक जख्म लोग दे जाते है। उम्र लम्बी सही खत्म जरूर होगी पर कोई नहीं बताता की मर कर लोग किधर जाते है ? इंतिजार लम्बा सही कर सकते है। पर वादा करके भी तो लोग मुह कर जाते है। वक्त का दरिया तो बहता रहता है। …और पढ़ें

द्वारा:saurabh kushwaha
टॉपिक:साहित्य

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tul

“तुलसी,तुलसीदल है”

20 December, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

आत्मा और परमात्मा,जीव और ईश्वर की कोई तुलना नहीं की जा सकती| ईश्वर सर्वत्रव्याप्त,जीव देह के बंधन में बंधा हुआ अपना प्रारब्ध और कर्मफल भोग रहा है | जीव हमेशा परेशान है ,परमात्मा हमेशा सत्च्चिदानन्द है | जीव अपने पराये के मोह में भटककर,संसार में सतत कष्ट पा रहा है | परमात्मा जगत का श्रष्टा …और पढ़ें

द्वारा:P K DUBEY
टॉपिक:आध्यात्म

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क्या जरूरी है बवासीर (पाईल्स) में ऑपरेशन?

20 December, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

अक्सर ऐसा माना जाता है की बवासीर (पाईल्स) की बीमारी बिना सर्जरी या ऑपरेशन ठीक नहीं होती। वास्तव में ऐसा नहीं है। बवासीर के मस्से वस्तुतः प्रत्येक मनुष्य में सामान्य रूप से पाये जाते हैं, ये वास्तव में रक्त वाहिनियों का गुच्छा (Haemorrhoidal plexus) होता है, परंतु लगातार पेट खराब रहने कब्ज़ रहने या अत्यधिक …और पढ़ें

द्वारा:Dr. Naveen Chauhan
टॉपिक:स्वास्थ्य

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रचनात्मक भूमिका निभाए विपक्ष

20 December, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

ऐसा लगता है कि भारतीय संसद देश की समस्याओं तथा लोगों की परेशानियों पर चर्चा करने एवं कानून बनाने से ज्यादा हंगामे का मंच बन गई है। विपक्ष ऐसे मुद्दों की तलाश में रहता है जिसके आधार पर संसद की कार्यवाही ठप हो सके । अब धर्मान्तरण के मुद्दे को ही लीजिए जिसको लेकर विपक्षी …और पढ़ें

द्वारा:sanjeevkumargangwar

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