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Baba Rampal 4

हे रामपाल: यह कैसी साखी और कैसा सबद है!

19 November, 2014

[यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी]_ख़ुद को संत कबीर का अवतार और भगवान घोषित कर सनातन धर्म से जुड़ी मान्यताओं पर सवाल खड़े करने वाले स्वयंभू ‘जगतगुरु’ बाबा रामपाल आज स्वयं सवालों के घेरे में खड़े हैं। गैर जमानती वारंट के बावजूद हत्‍या के मामले में कोर्ट में पेश न होकर 45 हजार सुरक्षा बलों को छका कर …और पढ़ें

द्वारा:YATINDRA NATH CHATURVEDI

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babas

बुरे संत,अच्छे संत की छवि को खराब कर देते है

19 November, 2014

इन दिनों संत सुर्ख़ियों में है l डॉक्टर, इंजीनियर, वकालत आदि प्रोफेशन की तरह संतई भी आज प्रोफेशन के रूप में स्थापित हो गई है l इस पेशे में नाम , प्रसिद्धी, पैसा , पॉवर सभी कुछ है l इन दिनों संत एक सामजिक व् ट्रबल सूटर सलाहकार की तरह कार्य कर रहें है l …और पढ़ें

द्वारा:satish Mittal

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grewia

जरा पड़ोस से ‘आग’ तो ले आ…

17 November, 2014

आज अगर किसी से कहो कि ‘जा जरा पड़ोस के घर से आग मांग ला’ तो वह आश्चर्य में पड़ जाएगा। लेकिन उत्तराखंड के पुराने लोगों के लिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। एक समय में पर्वतीय जिलों के सुदूर गांवों में राशन के नाम लोग सिर्फ इसलिए बाजार जाते थे कि महीने …और पढ़ें

द्वारा:विनोद मुसान
टॉपिक:शिक्षा

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अमर उजाला ब्लॉग

cover

बारिश में भीगने के बाद तुम बहुत अच्छी लगती हो

24 November, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

आखिरी मुलाकत थी। वो भी मेरी मर्जी के खिलाफ। आंटी ने मना कर दिया था, ‘रूम पर लड़की नहीं आएगी’। सड़क पर, मॉल में, पार्क में, सिनेमाघर में मिलने का इरादा न था। मुझे मेरी जगह चाहिए थी, जहां तुमपर तानाशाही की जा सके। हसरतें पूरी की जा सकें। पिछले दो-तीन सालों में सबसे ज्यादा …और पढ़ें

टॉपिक:कला

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Sitara-Devi.2

टिमटिमा रहा एक और सितारा

23 November, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

कथक नर्तकी सितारा देवी 95 की हो चुकी हैं। बीमार हैं। हालत बेहद नाजुक है। इस बरस कई सितारे बिछुड़े हैं। एक और सितारा टिमटिमा रहा है। मृत्यु एक शाश्वत सत्य है। लेकिन दिल है कि मानता नहीं ऐसे लोग मर भी सकते हैं। सितारा देवी को दिल्ली के रवींद्र भवन में देखा था। तब …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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army

फिर कैसे मिलेंगे उत्तराखंड से सैनिक

31 October, 20144 प्रतिक्रियाएँ »

जिस सैन्य परंपरा पर उत्तराखंड गर्व करता आया है। जिस गबर सिंह और दरबान सिंह और चंद्र सिंह गढवाली की शौर्य गाथाओं को सुनकर पहाड़ों से युवा सेना में भर्ती होते रहे हैं, उस उत्तराखंड के लिए इस परंपरा को लेकर मायूस करने वाली बातें भी सामने आ रही है। ऐसा नहीं कि  उत्तराखंड के …और पढ़ें

द्वारा:वेद विलास

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रीडर्स ब्लॉग

zindgi

दीना – तुंगनाथ एक यात्रा

24 November, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

जीवन है ही बड़ा विचित्र, कब विस्मृत से स्मृति चिन्ह अनायास ही उभर आयें कहा नहीं जा सकता। दिनेश नेगी उर्फ़ दीना ने आज जिंदगी की तीस बरस पुरानी याद ताज़ा कर दी। मैं अपने परिवार व मेहमानों के साथ तुंगनाथ की चढ़ाई पर था। मेरी शारीरिक शक्ति (स्टेमिना) जवाब दे रही थी। तभी एक …और पढ़ें

द्वारा:CA. Satyendra Hemanti
टॉपिक:यादें

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तेजाबी मौत :दंड केवल फांसी

24 November, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

घटना सूरत [गुजरात ] की है यौन प्रताड़ना का विरोध करने वाली महिला पर आरोपियों ने तेजाब फैंक दिया जिससे उसकी मौत हो गयी और ये घटना कमज़ोरी न केवल हमारी प्रशासनिक व्यवस्था की ज़ाहिर करती है अपितु ज़ाहिर करती है हमारी कानूनी व्यवस्था की कमजोरी भी क्योंकि अभी हाल ही में हुए दंड विधि …और पढ़ें

टॉपिक:अन्य

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बारिश में भीगने के बाद तुम बहुत अच्छी लगती हो

24 November, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

आखिरी मुलाकत थी। वो भी मेरी मर्जी के खिलाफ। आंटी ने मना कर दिया था, ‘रूम पर लड़की नहीं आएगी’। सड़क पर, मॉल में, पार्क में, सिनेमाघर में मिलने का इरादा न था। मुझे मेरी जगह चाहिए थी, जहां तुमपर तानाशाही की जा सके। हसरतें पूरी की जा सकें। पिछले दो-तीन सालों में सबसे ज्यादा …और पढ़ें

टॉपिक:कला

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Sitara-Devi.2

टिमटिमा रहा एक और सितारा

23 November, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

कथक नर्तकी सितारा देवी 95 की हो चुकी हैं। बीमार हैं। हालत बेहद नाजुक है। इस बरस कई सितारे बिछुड़े हैं। एक और सितारा टिमटिमा रहा है। मृत्यु एक शाश्वत सत्य है। लेकिन दिल है कि मानता नहीं ऐसे लोग मर भी सकते हैं। सितारा देवी को दिल्ली के रवींद्र भवन में देखा था। तब …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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imagesgggg

किसान और फसल क्या सूली ही चढ़ने के लिए ?

21 November, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

दैनिक जनवाणी से साभार ब्रह्मा सृष्टि का निर्माण करते हैं ,विष्णु पालन करते हैं और महेश संहार करते हैं यदि इस तथ्य की गहराई में हम जाकर देखें तो भगवान विष्णु के इस कर्तव्यपालन में हमारे कृषक बराबर की भागीदारी करते हैं और इसलिए ये हमारे अन्नदाता कहे जाते हैं .हमारे द्वित्य प्रधानममंत्री माननीय लाल …और पढ़ें

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