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बिगड़ैल बेटों का दुस्साहस तो देखिए

23 April, 2015

नेता का बेटा जितना अकड़ता है, उतना ही बिगड़ता है। पिता शक्तिमान होने का भ्रम बनाता है और बेटा उससे जाल बुनता है। उसे लगता है कि इस जाल में वह पूरी दुनिया को फसा लेगा। अगर खुद फंसा भी तो पिता बचा लेगा। उसकी जिंदगी इसी तरह मजे से कट जाएगी। वह पूरी दुनिया …और पढ़ें

द्वारा:सुधीर राघव
टॉपिक:समाज

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Farmer Poem

खाकर जहर किसान

22 April, 2015

घूम रहे जिस देश के, अंतरिक्ष में यान. उसकी धरती पर मरे ,खाकर जहर किसान.. कुछ अंखियन में चांद है,कुक्ष अंखियन में पीर. एक देश परिवेश है,अलग-अलग तकदीर..

द्वारा:Achyutam Keshvam
टॉपिक:कला

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Rahul_Gandhi_beats_Narendra_Modi

शुद्ध देशी रोमांस with राहुल & मोदी

22 April, 2015

रोमांस का कोई समय नहीं होता है, नहीं पहले से कुछ तय होता है। वो शहरी भी हो सकता है, और देशी भी। लेकिन किसको कब क्या भा जाए, ये किसी को पता नहीं होता। लेकिन राजा और युवराज के बीच में इन दिनों शुद्ध देशी रोमांस चल रहा है। फिल्म शुद्ध देशी रोमांस में …और पढ़ें

द्वारा:MUNESHWAR KUMAR
टॉपिक:राजनीति

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अमर उजाला ब्लॉग

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हमें भी नहीं नौ‌न‌िहालों की‌ च‌िंता

26 April, 2015कोई प्रतिक्रिया नहीं »

ऑटो अचानक बेकाबू हुआ। सड़क पर पलटा और मच गई चीख पुकार। स्कूल जा रहे किसी बच्चे का हाथ टूटा तो किसी का पैर। किसी के सिर में चोट आई तो किसी की पसलियां चटकीं। पिंजौर में मंगलवार को जब यह हादसा हुआ तो उसमें सवार 12 बच्चे घायल हो गए। इन बच्चों को ऑटो …और पढ़ें

द्वारा:anil trivedi

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तालियां! निगम को फिर याद आईं पंचकूला की सड़कें

26 April, 2015कोई प्रतिक्रिया नहीं »

बाकायदा नारियल फोड़ा गया, कुछ तालियां बजीं और गड्ढों से भरी सड़क पर तारकोल बिछने लगा। लंबी नींद के बाद पंचकूला नगर निगम फिर जगा है। शहर की बदहाल सड़कों की ओर फिर उसकी निगाह गई है। रविवार को अमरटेक्स चौराहे से सेक्टर 11-15 चौक तक की सड़क की रिकार्पेटिंग का काम शुरू हुआ है। …और पढ़ें

द्वारा:anil trivedi

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Babugiri

अफसरों के राज में बेमानी जनता की जान

24 April, 2015कोई प्रतिक्रिया नहीं »

पुलिस अपने तरीके से काम करती है। अक्सर नियम और कानून को ताक पर रखकर। चाहे पंजाब पुलिस हो, हरियाणा पुलिस हो या फिर चंडीगढ़ की। पीड़ित को न्याय मिलेगा या वह प्रताड़ित होगा? यह पुलिस जांच पर निर्भर करता है। पुलिस हिरासत में रहस्यमय तरीके से लोग दम तोड़ देते हैं। अफसर से लेकर …और पढ़ें

द्वारा:सुधीर राघव
टॉपिक:समाज

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Babugiri

अफसरों के राज में बेमानी जनता की जान

24 April, 2015कोई प्रतिक्रिया नहीं »

पुलिस अपने तरीके से काम करती है। अक्सर नियम और कानून को ताक पर रखकर। चाहे पंजाब पुलिस हो, हरियाणा पुलिस हो या फिर चंडीगढ़ की। पीड़ित को न्याय मिलेगा या वह प्रताड़ित होगा? यह पुलिस जांच पर निर्भर करता है। पुलिस हिरासत में रहस्यमय तरीके से लोग दम तोड़ देते हैं। अफसर से लेकर …और पढ़ें

द्वारा:सुधीर राघव
टॉपिक:समाज

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जांच की आंच

24 April, 2015कोई प्रतिक्रिया नहीं »

गजेंद्र की मौत की आग में धधक रही है देश की सियासत। और तेज हो रही है सियासी स्वार्थ की लौ। मौत की आंच पर सड़क से लेकर संसद तक तप रहा है। इस आग में खाक हो रही है संवेदना। खाक हो रही है सियासी विश्वास। जिसे सियासत नें जंतर-मंतर पर फांसी के फंदे …और पढ़ें

द्वारा:MUNESHWAR KUMAR
टॉपिक:राजनीति

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बारिश से तबाह फसल को देखकर  बिलखता किसान

किसान और फसल

24 April, 20151 प्रतिक्रिया »

किसान और फसल नटखट मेद्या, घड़घड़ मेद्या मत बरसाओं पानी । फाल्गुन, चैत्र और बैसाख में तू करता मनमानी।। फसल खड़ी है, कटी पड़ी है, खेतों मे भरता पानी। नटखट मेद्या, घड़घड़ मेद्या मत बरसाओं पानी ।। मैं किसान देता लगान, फसलों को देख हॅू परेशान। खेतों मे भरता पानी। नटखट मेद्या, घड़घड़ मेद्या मत …और पढ़ें

टॉपिक:राजनीति

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Rahul_Gandhi

हे बाबा केदार नाथ राहुल गांधी को सदबुद्धि देना

24 April, 2015कोई प्रतिक्रिया नहीं »

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए गए हैं इससे सम्बंधित खबर सभी  पैन पर चमक रही है. इसे देखकर जँहा राजनीतिकों में ये चर्चा है कि  वे शक्ति हासिल करने की दुआ करने बाबा केदार नाथ के दरबार में पहुंचे हैं. ! कांग्रेस के लोगों में इस बात को लेकर उत्साह …और पढ़ें

द्वारा:umesh shukla

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बारिश से तबाह फसल को देखकर  बिलखता किसान

सरकारों के मुख्य कर्ता-धर्ता दोहरी बयानबाज़ी कर रहे हैं

23 April, 2015कोई प्रतिक्रिया नहीं »

बेमौसम बारिश और अंधड़ से फसलें तबाह होने से दुखी किसानों के जान देने का सिलसिला जारी है लेकिन सबसे चौकाने वाली बात यह है कि न तो प्रदेश सरकार इस हक़ीक़त को स्वीकार कर रही है और न ही केंद्र सरकार. हालाँकि केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और सपा दोनों दलों के नेता इस बात …और पढ़ें

द्वारा:umesh shukla

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