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rehadi

आदमी का कोल्हू का बैल हो जाना…

18 July, 2014

शमेर घर से निकल कर रेहड़ी लेकर गांव से बाजार को जाने वाले रास्ते पर आया ही था कि एक बिल्ली दाएं से बाएं निकल गई। शमेर का पैर पैंडल पर ही रुक गया। उसने बिल्ली को एक भद्दी गाली दी। फिर खुद से सवाल किया कि पता नहीं आज क्या होगा? वह रेहड़ी पर …और पढ़ें

टॉपिक:विचार

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वैदिक vs हाफिज: जब ‘दे’ मेट

16 July, 2014

वेद प्रताप वैदिक…जितना आदमकद इनका नाम है, उतनी ही बड़ी शख्सीयत भी। पत्रकारिता की पढ़ाई के दिनों में इनके लेख पढ़कर यही सोचा करते थे कि जनाब से एक बार ‌तो मिलेंगे। लेकिन, ये क्या? साहब तो दिग्गी जी के हाफिज सईद साहब से मुलाकात में मसरूफ निकले। भला, ये भी कोई बात हुई वैदिक …और पढ़ें

टॉपिक:मनोरंजन

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तुम काहे चले पूंछ की ओर

14 July, 2014

मनुष्य तो जन्म से ही मूर्तिपूजक है और मूर्तिपूजन श्रेष्ठ भी है क्योंकि यह मनुष्य के स्वभाव से जुड़ा है|(मूर्तिपूजा तो सब करते हैं|झगड़ा इस बात का है कि) दरअसल लोग अनजाने में अपनी प्रतिमा को सही और दूसरे कि प्रतिमा को गलत कहते हैं| -स्वामी विवेकानंद – वित्तमंत्री अरुण जेटली मोदी सरकार का पहला …और पढ़ें

द्वारा:सुधीर राघव
टॉपिक:अन्य

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अमर उजाला ब्लॉग

muslim

रोजे में रोटी और कबीर का कत्ल

24 July, 20143 प्रतिक्रियाएँ »

आरोप है कुछ सलीकेदारों ने दूसरों को खाना बनाने का सलीका सिखाने के लिए एक रोजेदार के मुंह में रोटी ठूस दी। कई लोगों की ठंडी पड़ी सियासी तंदूर फिर भभक उठी है। जाहिर है घटना निंदनीय है। आजाद और जम्हूरी हिंदोस्तान में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। आरोप शिवसेना के नेताओं पर हैं …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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1942

बालीवुड में छायावाद-4

24 July, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

साठ के दशक में रहस्य-रोमांच पर आधारित फिल्मों का एक दौर आया जिसमें फिल्म की कामयाबी की कहानी उनके गीतों ने लिखी। वह कौन थी फिल्म के गीत राजा मेहंदी अली खां ने लिखे थे। वह अदालत जैसी बेहद हिट फिल्मों के मकबूल गाने लिख चुके थे। लेकिन इस फिल्म में भटकती रूह के किरदार …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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RainEmotion

बरसात ने दिल तोड़ दिया….

16 July, 20144 प्रतिक्रियाएँ »

सावन के महीने में भी कठकरेजी मानसून पसीने-पसीने किए जा रहा है। न पवन का सोर है, न बन मां नाचता मोर है, फिर जियरा कैसे झूमे? कारी बदरिया भी खामोश है,  न अपने, न ही पिया की अटरिया शोर मचा रही है।  सूखे की मार से चकत्ता पड़े खेतों और फिर आसमान की ओर …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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muslim

रोजे में रोटी और कबीर का कत्ल

24 July, 20143 प्रतिक्रियाएँ »

आरोप है कुछ सलीकेदारों ने दूसरों को खाना बनाने का सलीका सिखाने के लिए एक रोजेदार के मुंह में रोटी ठूस दी। कई लोगों की ठंडी पड़ी सियासी तंदूर फिर भभक उठी है। जाहिर है घटना निंदनीय है। आजाद और जम्हूरी हिंदोस्तान में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। आरोप शिवसेना के नेताओं पर हैं …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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1942

बालीवुड में छायावाद-4

24 July, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

साठ के दशक में रहस्य-रोमांच पर आधारित फिल्मों का एक दौर आया जिसमें फिल्म की कामयाबी की कहानी उनके गीतों ने लिखी। वह कौन थी फिल्म के गीत राजा मेहंदी अली खां ने लिखे थे। वह अदालत जैसी बेहद हिट फिल्मों के मकबूल गाने लिख चुके थे। लेकिन इस फिल्म में भटकती रूह के किरदार …और पढ़ें

द्वारा:kumar atul
टॉपिक:अन्य

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smil

उसकी मुस्कान

24 July, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

हल्की बारिश ने शाम को खुशगवार बना दिया था। ठंडी हवाओं के साथ रंग बिरंगी बल्वों की जगमगाहट शाम को रंगीन बना रही थी। मैं रोज की तरह हरकी पैड़ी की ओर बढऩे लगा। तभी भूख का एहसास हुआ। आज दिन में खाना नहीं खा पाया था। सोचा, पहले कुछ खा लें, फिर गंगा किनारे …और पढ़ें

टॉपिक:आध्यात्म

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विकास के लिए वी.आई.पी. के कन्धों के सहारे की उम्मीद आखिर क्यूँ ?

23 July, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

अपने एक आलेख ”बनारस को कैसे संवारेंगे मोदी ” में लिखती हैं -”इस शहर के लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिजली कब तक साथ देगी ?नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गंगा किनारे बसे इस शहर के लोगों को तकरीबन निर्बाध बिजली मिल रही है वरना पहले आठ से दस घण्टे …और पढ़ें

टॉपिक:राजनीति

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संघ लोक सेवा आयोग:- कहीं गैर अँग्रेज़ी-भाषी को बाहर रखने का षड्यंत्र तो नहीं?

23 July, 2014कोई प्रतिक्रिया नहीं »

संघ लोक सेवा आयोग:- गैर अँग्रेज़ी-भाषी को बाहर रखने का षड्यंत्र? “निःसंदेह संघ लोक सेवा आयोग स्वतंत्र भारत के इतिहास में उन गिने चुने संस्थाओं मे से एक है जिसकी विश्वसनीयता ही उसकी पहचान है. लेकिन पिछ्ले 2-3 वर्षो के दौरान इस संस्था द्वारा अखिल भारतीय सेवाएँ की नियुक्ति के लिए होने वाली परीक्षा के …और पढ़ें

द्वारा:AJIT RAJPURI
टॉपिक:विचार

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